{"product_id":"ललितासन-श्री-गणेश-मूर्ति-मूषक-संग-अभिमंत्रित-मूर्तियां","title":"ललितासन श्री गणेश मूर्ति (मूषक संग) – अभिमंत्रित मूर्तियां","description":"\u003cp\u003eअपने घर के मंदिर, स्टडी टेबल, कार डैशबोर्ड या ऑफिस डेस्क पर स्थापित करें विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश जी का अति सुंदर, सौम्य एवं मनमोहक \u003cb\u003eललितासन (सुखासन) स्वरूप\u003c\/b\u003e। देवप्राण के माध्यम से यह पावन मूर्ति अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विधि-विधान से \u003cb\u003eमंत्र-सिद्ध एवं अभिमंत्रित (Energized)\u003c\/b\u003e होकर आपके घर पहुँचती है, जिससे आपके जीवन, अध्ययन और कार्यक्षेत्र में रिद्धि-सिद्धि का वास, बुद्धि की प्रखरता, समस्त विघ्नों का शमन और अलौकिक सकारात्मक ऊर्जा का निरंतर प्रवाह होता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003eमुख्य विशेषताएँ एवं उत्पाद विवरण (Key Features \u0026amp; Product Details)\u003c\/b\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cb\u003eदेव स्वरूप:\u003c\/b\u003e भगवान श्री गणेश (ललितासन\/सुखासन मुद्रा में चौकी पर विराजमान, सानिध्य में वाहन मूषक, हाथों में परशु, मोदक, शंख एवं अभय-आशीर्वाद मुद्रा)।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cb\u003eसामग्री (Material):\u003c\/b\u003e प्रीमियम मार्बल डस्ट \/ रेजिन मटीरियल, अलंकृत कुंदन\/नग नक्काशी और अति बारीक हस्तकला फिनिशिंग।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cb\u003eरंग (Color):\u003c\/b\u003e सात्विक श्वेत कांति, पीतांबरी (पीली) धोती व लाल दुपट्टा, सिर पर स्वर्णिम कुंदन-जड़ित मुकुट और नीचे काले-स्वर्णिम रंग की चौकी पर बैठा मूषक।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cb\u003eउपयोग (Ideal For):\u003c\/b\u003e घर का मंदिर, स्टडी टेबल (विद्या व एकाग्रता हेतु), कार डैशबोर्ड, ऑफिस डेस्क, नए कार्य\/व्यापार का शुभारंभ, एवं शुभ अवसरों पर आध्यात्मिक उपहार (Gifting)।\u003c\/li\u003e\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003eदेवप्राण का संकल्प: शास्त्रोक्त वैदिक अभिमंत्रण प्रक्रिया\u003c\/b\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eआपके घर पहुँचने से पहले, यह पावन मूर्ति हमारे विद्वान आचार्यों के सानिध्य में विशेष अनुष्ठान एवं मंत्र-साधना द्वारा अभिमंत्रित की जाती है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cb\u003eपवित्र संकल्प एवं शुद्धि:\u003c\/b\u003e गंगाजल, पंचामृत एवं सात्विक द्रव्यों द्वारा मूर्ति का विधिपूर्वक शुद्धिकरण व प्रथम पूज्य आवाहन-संकल्प।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cb\u003eगणपति अथर्वशीर्ष एवं बीज मंत्र जप:\u003c\/b\u003e 'ॐ गं गणपतये नमः' एवं गणेश गायत्री मंत्र के सस्वर वैदिक जप द्वारा मूर्ति में बुद्धि, विवेक और विघ्नविनाशक ऊर्जा का आधान।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cb\u003eदूर्वा, मोदक व अष्टगंध अर्चन:\u003c\/b\u003e ताज़ी दूर्वा, मोदक, रक्त चंदन, सुगंधित धूप और अष्टगंध अर्पण द्वारा गणपति बप्पा के स्वरूप को ऊर्जावान (Energize) बनाना।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cb\u003eरिद्धि-सिद्धि एवं सफलता कवच:\u003c\/b\u003e कार्यक्षेत्र में आ रही बाधाओं की समाप्ति, अध्ययन में ध्यान केंद्रित करने और घर में शुभता बनाए रखने हेतु विशेष वैदिक प्रार्थना।\u003c\/li\u003e\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003eपैकेज में क्या-क्या शामिल है (Package Inclusions)\u003c\/b\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003col\u003e\n\u003cli\u003e1x वैदिक मंत्रों द्वारा अभिमंत्रित ललितासन श्री गणेश मूर्ति\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cb\u003eसुरक्षित एवं पवित्र पैकेजिंग:\u003c\/b\u003e संपूर्ण मर्यादा, सात्विकता और सुरक्षा के साथ होम डिलीवरी।\u003c\/li\u003e\n\u003c\/ol\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003eरखरखाव के निर्देश (Care Instructions)\u003c\/b\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\u003cli\u003eइस पावन मूर्ति को केवल मुलायम और सूखे सूती\/रेशमी कपड़े से हल्के हाथों से साफ करें।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003eपानी, पीतांबरी या किसी भी कठोर केमिकल क्लीनर का सीधा उपयोग न करें, ताकि कुंदन वर्क, स्वर्णिम फिनिशिंग और बारीक रंग हमेशा सुरक्षित रहें।\u003c\/li\u003e\n\u003c\/ul\u003e","brand":"Devpran","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49057191952616,"sku":null,"price":2400.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0803\/0850\/2760\/files\/75_jpg.jpg?v=1785583556","url":"https:\/\/devpran.com\/products\/%e0%a4%b2%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%a8-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a4%a3%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%b7%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%85%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%82","provider":"देवप्राण","version":"1.0","type":"link"}