{"product_id":"भगवान-शिव-ध्यान-मुद्रा-मूर्ति-अभिमंत्रित-मूर्तियां","title":"भगवान शिव ध्यान मुद्रा मूर्ति – अभिमंत्रित मूर्तियां","description":"\u003cp\u003eअपने घर के मंदिर, ध्यान कक्ष या कार्यस्थल पर स्थापित करें देवों के देव महादेव भगवान शिव का पद्मासन ध्यान मुद्रा में अति पावन, शांत एवं भव्य स्वरूप। देवप्राण के माध्यम से यह मूर्ति अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विधि-विधान से \u003cb\u003eमंत्र-सिद्ध एवं अभिमंत्रित (Energized)\u003c\/b\u003e होकर आपके घर पहुँचती है, जिससे आपके गृह-मंदिर में सुख, शांति, सुरक्षा, मानसिक स्थिरता और अलौकिक सकारात्मक ऊर्जा का निरंतर वास होता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003eमुख्य विशेषताएँ एवं उत्पाद विवरण (Key Features \u0026amp; Product Details)\u003c\/b\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cb\u003eदेव स्वरूप:\u003c\/b\u003e भगवान शिव (पद्मासन ध्यान मुद्रा में विराजमान, हाथ में त्रिशूल एवं डमरू, गले में नागराज एवं रुद्राक्ष माला)।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cb\u003eसामग्री (Material):\u003c\/b\u003e प्रीमियम मार्बल डस्ट \/ रेजिन मिश्रण, बारीक हस्तकला और जीवंत रंगों का संयोजन।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cb\u003eरंग (Color):\u003c\/b\u003e सात्विक कांति, पीतांबरी (पीला) बाघंबर वस्त्र, माथे पर त्रिपुंड व चंद्रकला, गले में वासुकी नाग और रुद्राक्ष माला का सुंदर संयोजन।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cb\u003eउपयोग (Ideal For):\u003c\/b\u003e घर का मुख्य मंदिर, ध्यान व साधना कक्ष, कार्यालय, गृह प्रवेश उपहार (Housewarming Gift), और महाशिवरात्रि पूजन हेतु अत्यंत उत्तम।\u003c\/li\u003e\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003eदेवप्राण का संकल्प: शास्त्रोक्त वैदिक अभिमंत्रण प्रक्रिया\u003c\/b\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eआपके घर पहुँचने से पहले, यह पावन मूर्ति हमारे विद्वान आचार्यों के सानिध्य में विशेष पूजन एवं वैदिक मंत्र-साधना द्वारा अभिमंत्रित की जाती है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cb\u003eपवित्र संकल्प एवं शुद्धि:\u003c\/b\u003e गंगाजल, पंचामृत एवं सात्विक द्रव्यों द्वारा मूर्ति का विधिपूर्वक शुद्धिकरण व देवावाहन-संकल्प।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cb\u003eशिव पंचाक्षरी व रुद्र मंत्र जप:\u003c\/b\u003e 'ॐ नमः शिवाय' एवं रुद्र सूक्त के सस्वर वैदिक जप द्वारा मूर्ति में शांत, ध्यानस्थ और कल्याणकारी ऊर्जा का आधान।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cb\u003eबिल्वपत्र व भस्म अर्चन:\u003c\/b\u003e शुद्ध भस्म, श्वेत चंदन, अक्षत, धूप और बिल्वपत्र अर्पण द्वारा देवाधिदेव महादेव के ध्यान स्वरूप को ऊर्जावान (Energize) बनाना।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cb\u003eमानसिक शांति एवं सुरक्षा कवच:\u003c\/b\u003e मानसिक तनाव, नकारात्मक तरंगों, भय और बाधाओं के शमन हेतु विशेष वैदिक शांति पाठ।\u003c\/li\u003e\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003eपैकेज में क्या-क्या शामिल है (Package Inclusions)\u003c\/b\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\u003cli\u003e1x वैदिक मंत्रों द्वारा अभिमंत्रित भगवान शिव ध्यान मुद्रा मूर्ति\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cb\u003eसुरक्षित एवं पवित्र पैकेजिंग:\u003c\/b\u003e संपूर्ण मर्यादा, सात्विकता और सुरक्षा के साथ होम डिलीवरी।\u003c\/li\u003e\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003eरखरखाव के निर्देश (Care Instructions)\u003c\/b\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\u003cli\u003eइस पावन मूर्ति को केवल मुलायम और सूखे सूती\/रेशमी कपड़े से हल्के हाथों से साफ करें।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003eकठोर रसायन (chemicals), पीतांबरी या सीधे पानी के अत्यधिक इस्तेमाल से बचें ताकि हाथ से किए गए रंग और स्वर्णिम चमक हमेशा सुरक्षित रहें।\u003c\/li\u003e\n\u003c\/ul\u003e","brand":"Devpran","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49057523237096,"sku":null,"price":2400.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0803\/0850\/2760\/files\/84_jpg.jpg?v=1785578521","url":"https:\/\/devpran.com\/products\/%e0%a4%ad%e0%a4%97%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5-%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%85%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%82","provider":"देवप्राण","version":"1.0","type":"link"}