बाल कृष्ण जी को उनके सहज और चंचल स्वभाव के लिए पसंद किया जाता है।
जिस तरह एक बच्चा घर को रोशन करता है, उसी तरह वे खुशियाँ, शांति और चिंता से राहत लाते हैं।
माखन (मक्खन) धन, मिठास और उन साधारण सुखों का प्रतीक है जिन्हें हम व्यस्त रहते हुए भूल जाते हैं।
उनकी मुद्रा और ऊर्जा
इस मूर्ति में, बाल कृष्ण जी मक्खन का एक बर्तन कोमल भाव से पकड़े हुए हैं। उनके छोटे हाथ प्रसन्नता और चंचलता से भरे हैं।
उनकी चमचमाती मुस्कान आपको तुरंत मुस्कुराने पर मजबूर कर देती है। ऐसा लगता है जैसे वे सीधे आपके घर में गर्मजोशी और खुशी ला रहे हैं।
चमकीले रंग और कोमल मुद्रा के कारण यह मूर्ति जीवंत, प्रसन्न और दिव्य पवित्रता से भरपूर लगती है।